निधन का कारण
डॉक्टरों के अनुसार, जसपाल राणा को म्यूनिख से वापसी की उड़ान के दौरान सीने में दर्द हुआ था, जिसे उन्होंने सामान्य एसिडिटी समझ लिया। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी एक सर्जरी (स्टेंट प्रक्रिया) सफल रही थी और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था, लेकिन दुर्भाग्य से नींद में ही उनके दिल की नस फटने से उनका निधन हो गया।
एक नज़र जसपाल राणा की अभूतपूर्व उपलब्धियों पर:

- खिलाड़ी के रूप में: उन्होंने 1994 से 2006 तक राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में 15 पदक जीते थे (9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य)। उन्होंने एशियाई खेलों (Asian Games) में भी 4 स्वर्ण पदक सहित कई अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किए।
- कोच के रूप में: वे भारत के ‘हाई-परफॉर्मेंस पिस्टल कोच’ थे। उन्होंने मनु भाकर को प्रशिक्षित किया था, जिनकी सफलता के पीछे जसपाल राणा का बहुत बड़ा हाथ था।
- सम्मान: उन्हें 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में पद्म श्री और 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री और खेल जगत की शोक संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। अभिनव बिंद्रा सहित अन्य हस्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और इसे भारतीय खेलों के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। ….

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