October 23, 2026

देहरादून में ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान, सीएम धामी ने वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से की आगे आकर नेतृत्व करने की अपील,,,,,

देहरादून में ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान, सीएम धामी ने वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से की आगे आकर नेतृत्व करने की अपील,,,,,

​नशे के खिलाफ महाअभियान,राजधानी में निकाली गई ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड वॉकथॉन’

​देहरादून, उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आज राजधानी देहरादून में एक बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. बीआर अंबेडकर ग्राउंड में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड वॉकथॉन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।​“

युवाओं को खुद संभालनी होगी इस अभियान की कमान”,मुख्यमंत्री धामी

​कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और लोगों को नशामुक्त उत्तराखंड की शपथ दिलाते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई कोई अकेली सरकार या पुलिस नहीं जीत सकती। इसके लिए पूरे समाज को मिलकर आगे आना होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि युवाओं को इस अभियान में सिर्फ शामिल नहीं होना है, बल्कि इसकी कमान खुद संभालकर दूसरों के लिए मिसाल बननी है।

​‘नशे को ना, जिंदगी को हां’, सकारात्मक कामों में लगाएं ऊर्जा

​युवाओं को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का नारा दिया। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें और खेल के मैदान में उनकी ऊर्जा होनी चाहिए, उस उम्र में नशा उनके भविष्य को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेल, स्टार्टअप और नए हुनर (कौशल विकास) सीखने जैसे अच्छे कामों में लगाएं।

​तस्करों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों के इलाज पर जोर

​सरकार का रुख साफ करते हुए सीएम ने कहा कि नशे का अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, जो युवा या लोग गलती से इस लत का शिकार हो चुके हैं, उन्हें ठीक करने के लिए नशामुक्ति केंद्र (Rehab Centers) और सही सलाह (काउंसलिंग) की बेहतर व्यवस्था की जा रही है ताकि वे फिर से सामान्य जिंदगी जी सकें।

​हर गांव और घर तक पहुंचनी चाहिए यह मुहिम

​मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह जागरूकता अभियान सिर्फ एक दिन के कार्यक्रम या शहर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे एक बड़े आंदोलन की तरह राज्य के हर गांव, हर घर, स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

​इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा सहित कई गणमान्य लोग और अधिकारी मौजूद रहे।

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