उत्तराखंड के उच्च गुणवत्ता वाले सेबों का प्रदर्शन, देहरादून में दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 3.0’ का आनंद वर्धन के हाथों हुआ भव्य आगाज,,,,,,

देहरादून।उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्वतीय सेबों की खुशबू और उनके स्वाद को सीधा आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजधानी देहरादून में दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 3.0’ की शुरुआत हो गई है। 8 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में इस प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेले का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
मुख्य सचिव ने किया मेले का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने नाबार्ड के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में सेब उत्पादन से जुड़े कृषकों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को अपनी उपज का बेहतर मूल्य और बड़ा बाजार प्राप्त होता है।
हर्षिल और चकराता के ए-ग्रेड सेब बने आकर्षण का केंद्र
महोत्सव में प्रदेश के प्रसिद्ध सेब उत्पादक क्षेत्रों—हर्षिल, चकराता और रामगढ़—से लाए गए प्रीमियम श्रेणी (A-Grade) के सेब प्रदर्शित किए गए हैं। मेले में रॉयल डिलीशियस, रेड डिलीशियस, गोल्डन डिलीशियस और गाला जैसी लोकप्रिय किस्मों की भरपूर आवक देखी गई। स्थानीय उपभोक्ताओं के बीच इन ताजे और जैविक सेबों की खरीदारी को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधी पहुंच
नाबार्ड के अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य बिचौलियों को हटाकर किसानों और उपभोक्ता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। मेले में विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ सेब के अलावा राज्य के अन्य जैविक उत्पाद, स्थानीय कीवी और ताजे प्रसंस्कृत फल उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
कृषि-पर्यटन और उत्तराखंडी ब्रांडिंग को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सेब महोत्सव 3.0’ न केवल उत्तराखंड के कृषि और औद्यानिक उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि इससे राज्य में एग्री-टूरिज्म (कृषि-पर्यटन) को भी एक नई दिशा मिलेगी। दो दिवसीय यह आयोजन 9 अक्टूबर 2026 तक जनता के लिए खुला रहेगा।

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