October 13, 2026

उत्तराखंड के बागेश्वर में दिखा ऊदबिलाव का जोड़ा, लोगों ने देखा गोमती नदी में ऊदबिलाव की अठखेलियों का दुर्लभ नजारा,,,,

उत्तराखंड के बागेश्वर में दिखा ऊदबिलाव का जोड़ा, लोगों ने देखा गोमती नदी में ऊदबिलाव की अठखेलियों का दुर्लभ नजारा,,,,


बागेश्वर: मार्च माह में हुई बारिश, हिमपात और ओलावृष्टि के बाद क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है। इसी बीच शनिवार को नगर क्षेत्र में गोमती नदी किनारे एक अनोखा और दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। यहां स्वच्छ और निर्मल जल में ऊदबिलाव (ओटर) का एक जोड़ा अठखेलियां करता हुआ नजर आया, जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऊदबिलाव का जोड़ा काफी देर तक नदी में तैरता, खेलता और गोते लगाता रहा। इसके बाद दोनों नदी किनारे बड़े पत्थरों पर चढ़कर धूप सेंकते भी दिखाई दिए। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए आसपास के लोगों के साथ ही नदीगांव और स्टेशन रोड से भी कई लोग मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय व्यवसायी योगेश परिहार ने बताया कि उन्होंने नगर क्षेत्र में पहली बार गोमती नदी में ऊदबिलाव का जोड़ा देखा है। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल फोन में कैद कर इंटरनेट मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। करीब एक घंटे तक नदी में अठखेलियां करने के बाद यह जोड़ा जंगल की ओर लौट गया।
वन विभाग के अनुसार ऊदबिलाव एक दुर्लभ जलीय जीव है, जो मुख्य रूप से साफ और मीठे पानी वाली नदियों, झीलों तथा दलदली क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में यह गंगा, ब्रह्मपुत्र और हिमालयी नदियों के आसपास के क्षेत्रों में देखा जाता है। इसका शरीर लंबा और लचीला होता है तथा घने फर से ढका रहता है। इसके छोटे लेकिन मजबूत पैर और पंजों के बीच मौजूद झिल्ली इसे तैरने में बेहद सक्षम बनाती है।
यह सामाजिक जीव होता है और आमतौर पर जोड़े या छोटे समूह में रहता है। ऊदबिलाव दिन और रात दोनों समय सक्रिय रह सकता है, हालांकि प्रायः सुबह और शाम के समय इसकी गतिविधियां अधिक देखी जाती हैं। इसका मुख्य भोजन मछलियां, केकड़े और अन्य जलीय जीव होते हैं।
वन विभाग के आरओ केलवानंद पांडे के अनुसार नदी में ऊदबिलाव का दिखाई देना इस बात का संकेत है कि पानी स्वच्छ और प्रदूषण रहित है। उन्होंने बताया कि यह जीव जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गोमती नदी में ऊदबिलाव का यह दुर्लभ दीदार न सिर्फ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि यह भी दर्शाता है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी काफी हद तक सुरक्षित और स्वच्छ है।

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