October 11, 2026

उत्तराखंड पारदर्शी चुनावी प्रणाली पर सवाल खड़े कर भ्रम की राजनीति कर रही कांग्रेस – पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री)

उत्तराखंड पारदर्शी चुनावी प्रणाली पर सवाल खड़े कर भ्रम की राजनीति कर रही कांग्रेस – पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री)

​​देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी ‘इंडी गठबंधन’ के रुख पर कड़ा प्रहार किया है।

“एसआईआर पर कांग्रेस व इंडी गठबंधन का विरोध महज राजनीतिक हताशा, संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करना लोकतंत्र के लिए अनुचित”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पारदर्शी चुनाव व्यवस्था पर बेवजह सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रामक प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इस विरोध को विपक्ष की राजनीतिक हताशा करार दिया।

​🔴 दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल के इतिहास को भी देखना चाहिए। पूर्व में भी उनके कार्यकाल के दौरान एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई थी, जिस पर तब उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी। अब उसी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करना उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

​🟢 मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता ही उद्देश्य

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है ताकि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल होना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, जिसकी मुख्य जिम्मेदारी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।

​🟢 विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश

मुख्यमंत्री के अनुसार, जनता का भरोसा खो चुकी कांग्रेस अब संवैधानिक प्रक्रियाओं पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, जबकि घटती राजनीतिक प्रासंगिकता के चलते विपक्ष असहज है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करना किसी भी रूप में उचित नहीं है; कांग्रेस को तथ्यों पर आधारित बात करनी चाहिए।

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