August 12, 2026

उत्तराखंड पौड़ी में बढ़ते मानव–वन्यजीव और मानव संघर्ष पर सीएम धामी का सख्त बयान, डीएफओ को हटाने के आदेश जारी,,,,,,

उत्तराखंड पौड़ी में बढ़ते मानव–वन्यजीव और मानव संघर्ष पर सीएम धामी का सख्त बयान, डीएफओ को हटाने के आदेश जारी,,,,,,

देहरादून: सचिवालय में आयोजित वन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानव–वन्यजीव संघर्ष की लगातार बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान पौड़ी जनपद की स्थिति पर गंभीर रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने वहां के डीएफओ को तुरंत प्रभाव से हटाने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का डर अधिक है, वहां स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों में स्कूल आते–जाते समय बच्चों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर एस्कॉर्ट व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि जिन परिवारों में वन्यजीव हमले के कारण कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाती है, उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिए वन विभाग को दो सप्ताह के भीतर आजीविका सहायता से संबंधित नीति तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया है।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने जनपदों में संघर्ष को रोकने के लिए आवश्यक उपकरणों की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा है, इसलिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर जंगली जानवरों की आबादी क्षेत्रों में आवाजाही पर नियंत्रण किया जाए। संवेदनशील इलाकों में कैमरे लगाकर लगातार निगरानी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने वन कर्मियों को इलाके में सक्रिय रहकर ग्रामीणों के साथ मजबूत संवाद प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तियों के आसपास मौजूद घनी झाड़ियों को अभियान चलाकर हटाया जाए और बच्चों व महिलाओं को विशेष रूप से सतर्कता के लिए जागरूक किया जाए।

सीएम धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि मानव–वन्यजीव संघर्ष की किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही 30 मिनट के भीतर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचे। इसके लिए संबंधित डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात दोहराई।

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