उत्तराखंड में 42 आउटसोर्स कर्मियों को हाईकोर्ट से मिली राहत, हाई कोर्ट ने विभाग को दिया अधिकार श्रमिकों को दोबारा नौकरी मिलेगी या नहीं,,,,

नैनीताल: उत्तराखंड वन विकास निगम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत 42 श्रमिकों से जुड़ा पुनर्नियुक्ति विवाद अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप करते हुए याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत दी है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि संबंधित कर्मी निगम के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष औपचारिक रूप से अपना पक्ष रख सकते हैं। साथ ही निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) को निर्देशित किया गया है कि प्रस्तुत मामलों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्णय लिया जाए।
यह पूरा मामला उन श्रमिकों से जुड़ा है, जिनकी सेवाएं जून 2024 में समाप्त कर दी गई थीं। इसके बाद प्रभावित कर्मचारियों ने न्यायालय की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति को लेकर अब तक स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है, जबकि पद और कार्य उपलब्ध होने की बात भी रखी गई।
अदालत ने तत्काल पुनर्नियुक्ति का आदेश नहीं दिया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि पहले याचिकाकर्ता विभागीय स्तर पर अपनी बात रखें। इसके लिए उन्हें अवसर दिया गया है और संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे तय प्रक्रिया के तहत निर्णय लें।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि यदि कर्मियों को किसी प्रकार की आपत्ति थी, तो उन्हें पहले विभागीय स्तर पर संपर्क करना चाहिए था। इसी आधार पर न्यायालय ने याचिका का निस्तारण करते हुए प्रकरण को सक्षम प्राधिकारी के पास भेज दिया। अब इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारी द्वारा लिया जाएगा, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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