August 22, 2026

उत्तराखंड राज्य कर विभाग का शिकंजा, काशीपुर में इन तीन फर्मों पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी, राज्य कर विभाग ने पकड़ी 1.72 करोड़ रुपये की चोरी,,,,

उत्तराखंड राज्य कर विभाग का शिकंजा, काशीपुर में इन तीन फर्मों पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी, राज्य कर विभाग ने पकड़ी 1.72 करोड़ रुपये की चोरी,,,,

काशीपुर। उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए काशीपुर क्षेत्र में एक साथ तीन फर्मों पर औचक छापेमारी की है। विभागीय टीमों ने प्रतिष्ठानों की स्थानीय जांच, तलाशी और महत्वपूर्ण अभिलेखों की जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन फर्मों द्वारा अपनी वास्तविक बिक्री का पूरा विवरण जीएसटी रिटर्न (GST Return) में छुपाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दबाव बढ़ने पर फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्वेच्छा से 1.72 करोड़ रुपये की धनराशि राजकोष में जमा कराई है।

🔴 बिक्री छिपाकर घटाई जा रही थी जीएसटी देनदारी

​राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर करापवंचन (Tax Evasion) करने वाली संदिग्ध फर्मों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत रुद्रपुर की विशेष जांच शाखा (SIB) ने काशीपुर क्षेत्र में पंजीकृत कुछ संदिग्ध फर्मों को चिन्हित किया था।

​अपर आयुक्त राज्य कर राकेश वर्मा (कुमाऊं जोन, रुद्रपुर) के निर्देशन और संयुक्त आयुक्त श्याम तिरुवा (काशीपुर) के मार्गदर्शन में विभागीय टीमों ने 20 अगस्त को तीनों फर्मों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। विभाग को पुख्ता आशंका थी कि ये फर्में अपने वास्तविक कारोबार की तुलना में कम बिक्री दिखाकर अपनी जीएसटी देनदारी को कम कर रही हैं।

🔴 लेखा-पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किए गए जब्त

​इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपायुक्त राज्य कर मोहम्मद इशाक खान ने किया। विभागीय टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रतिष्ठानों में उपलब्ध लेखा-पुस्तकों (Books of Accounts), इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया।

​प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि फर्मों ने जीएसटी रिटर्न में वास्तविक कारोबार का पूरा विवरण दर्ज नहीं किया था। अब विभाग द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे वास्तविक और घोषित कारोबार के बीच के अंतर का सटीक आकलन किया जा सके।

🔴 गलती स्वीकार कर फर्मों ने जमा किए 1.72 करोड़ रुपये

​कार्रवाई के दौरान संबंधित फर्मों ने अपनी अनियमितताएं स्वीकार करते हुए कुल 1.72 करोड़ रुपये की धनराशि स्वेच्छा से शासन के राजकोष में जमा करा दी। हालांकि, राज्य कर विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई अभी अंतिम नहीं है। जब्त अभिलेखों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अंतिम कर देनदारी का निर्धारण किया जाएगा, जिसके उपरांत नियमानुसार कर, ब्याज और अर्थदंड (Penalty) की अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

🔴 43 अधिकारियों और कर्मचारियों की रही टीम

​इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य कर विभाग द्वारा तीन अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस पूरी कार्रवाई में कुल 43 अधिकारी और कर्मचारी (23 अधिकारी तथा 20 कर्मचारी) शामिल रहे।

​छापेमारी दल में उपायुक्त राज्य कर ज्ञान चंद्र, उपायुक्त सौरभ तिवारी, सहायक आयुक्त कविता पाठक, डॉ. हरेंद्र सिंह, मोहम्मद यासिर, संतोष कुमार, अनिल सिंह चौहान, दीपक कुमार, हरिओम वर्मा और अमर कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

🔴 आगे भी जारी रहेगा अभियान

​राज्य कर विभाग ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि वास्तविक कारोबार को छिपाकर जीएसटी देनदारी कम दिखाने वाले कारोबारियों के खिलाफ जांच और दंडात्मक कार्रवाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग संदिग्ध कारोबारियों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है और डेटा एनालिटिक्स के आधार पर करापवंचन करने वाली अन्य फर्मों को भी तेजी से चिन्हित किया जा रहा है।

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