August 11, 2026

उत्तराखंड AIIMS ऋषिकेश में सामने आया करोड़ों का घोटाला, CBI ने पूर्व निदेशक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज,,,

उत्तराखंड AIIMS ऋषिकेश में सामने आया करोड़ों का घोटाला, CBI ने पूर्व निदेशक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज,,,

देहरादून: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश में करोड़ों रुपये के घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्डियोलॉजी विभाग की कोरोनरी केयर यूनिट (CCU) के लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड लगाए जाने थे, लेकिन भारी-भरकम खर्च के बावजूद मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया। अब इस प्रकरण में सीबीआई ने पूर्व निदेशक सहित तीन अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🔴 आईए जानते हैं आखिर क्या है मामला 🔴

सूत्रों के अनुसार, यह प्रकरण वर्ष 2017 का है। 5 दिसंबर 2017 को टेंडर जारी कर दिल्ली की कंपनी एमएस प्रो मेडिक डिवाइसेस को ठेका दिया गया। कंपनी ने 2019–20 के बीच दो किस्तों में उपकरणों की आपूर्ति की। इसके एवज में AIIMS ऋषिकेश ने 8.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

इसके बावजूद यह यूनिट एक दिन भी संचालित नहीं हो सकी। बीते 26 मार्च को सीबीआई और एम्स अधिकारियों की संयुक्त जांच में पाया गया कि आपूर्ति किए गए कई उपकरण घटिया गुणवत्ता के थे, कुछ उपकरण गायब मिले और कई वस्तुएँ निर्धारित स्पेसिफिकेशन से मेल नहीं खाती थीं।

🔴 सीबीआई जांच में चौंकाने वाले तथ्य 🔴

यूनिट का निर्माण और उपकरण आपूर्ति के बावजूद सीसीयू एक दिन भी नहीं चला।

टेंडर से संबंधित फाइल भी गायब हो गई है।

घटिया और अधूरे उपकरण मिलने से करोड़ों रुपये की सरकारी राशि व्यर्थ चली गई।

🔴 दर्ज हुआ मुकदमा 🔴

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई एसीबी, देहरादून ने 26 सितंबर को एफआईआर दर्ज की। इसमें एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, पूर्व खरीद अधिकारी डॉ. राजेश पसरीचा, पूर्व स्टोर कीपर रूप सिंह समेत अज्ञात सरकारी कर्मियों और निजी व्यक्तियों को नामजद किया गया है।

🔴केस मे अग्रिम कार्रवाई🔴

सीबीआई ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है और आशंका जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी नाम सामने आ सकते हैं। यह घोटाला उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सबसे बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है।

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