“देश – दुनिया” ITR फॉर्म में बड़े बदलाव, AY 2026-27 के लिए नया नियम- पते और संपर्क जानकारी में जोड़े गए नए विकल्प,,,,

देहरादून। पिछले सप्ताह जारी किए गए नए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जो असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए टैक्स रिटर्न भरने वाले सभी करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये फॉर्म वित्त वर्ष (FY) 2025-26 की आय के लिए लागू होंगे और करदाताओं को पुराने टैक्स नियमों के अनुसार ही रिटर्न दाखिल करना होगा। ITR भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
पते और संपर्क जानकारी में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, नए नोटिफाई किए गए सभी ITR फॉर्म (ITR-1 से ITR-7) में सबसे बड़ा बदलाव करदाताओं के पते और संपर्क विवरण को लेकर किया गया है। फॉर्म के पार्ट-A में, जहां पहले नाम, PAN, आधार और संपर्क जानकारी मांगी जाती थी, अब एक नया कॉलम जोड़ा गया है।
अब करदाता को प्राइमरी (मुख्य) पते के साथ-साथ सेकंडरी (दूसरा) पता देने का विकल्प भी मिलेगा। इसके अलावा मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को भी प्राइमरी और सेकंडरी संपर्क जानकारी के रूप में दर्ज करना होगा।
प्रतिनिधियों के लिए प्रक्रिया हुई आसान
यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य की ओर से टैक्स रिटर्न दाखिल करता है, तो उसे ‘प्रतिनिधि’ माना जाता है। पहले के फॉर्म में प्रतिनिधि से नाम, क्षमता, पता और PAN/आधार जैसी विस्तृत जानकारी मांगी जाती थी। नए फॉर्म में इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है।
अब प्रतिनिधि को केवल तीन जानकारियां देनी होंगी—नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर।
डुअल रिपोर्टिंग की व्यवस्था समाप्त
नए ITR फॉर्म में डुअल रिपोर्टिंग (दोहरी जानकारी) की व्यवस्था को हटा दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि पिछले वित्त वर्ष में टैक्स स्लैब में कोई मध्यावधि बदलाव नहीं हुआ था।
अब करदाताओं को कैपिटल गेन की जानकारी ट्रांसफर की तारीख के आधार पर अलग-अलग देने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगी।
सरल और पारदर्शी होगी प्रक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से ITR फाइलिंग प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी। साथ ही, करदाताओं को कम जटिलता के साथ समय पर रिटर्न दाखिल करने में मदद मिलेगी।

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