July 24, 2026

देश में राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए सरकार का बड़ा कदम, अब सिर्फ बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ही मिलेगा मुफ्त खाद्यान्न,,,,

देश में राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए सरकार का बड़ा कदम, अब सिर्फ बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ही मिलेगा मुफ्त खाद्यान्न,,,,

नई दिल्ली। राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब केवल बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन) के जरिए ही लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राशन की कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक हकदार को ही मिले।

🟢 गरीब और प्रवासी परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

​खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देशभर के गरीब, प्रवासी और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ जैसी योजनाओं के दौर में बायोमेट्रिक सत्यापन लागू होने से किसी भी राज्य का प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में बिना किसी परेशानी के अपना हक पा सकेगा।

🟢 पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

​इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता का एक नया युग शुरू होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, बायोमेट्रिक अनिवार्य होने से:

  • फर्जी लाभार्थियों पर रोक: कागजों पर चल रहे फर्जी या दोहरे राशन कार्ड पूरी तरह ब्लॉक हो जाएंगे।
  • भ्रष्टाचार में कमी: कोटेदारों या बिचौलियों द्वारा किए जाने वाले अनाज के अवैध डायवर्जन (कालाबाजारी) पर लगाम लगेगी।
  • सटीक वितरण: शत-प्रतिशत खाद्यान्न बिना किसी कटौती के सीधे पात्र लाभार्थियों की थाली तक आसानी से पहुंच सकेगा।

​प्रशासन का कहना है कि सभी सरकारी राशन दुकानों (FPS) को पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों से लैस कर दिया गया है, ताकि लाभार्थियों को अंगूठा लगाने या सत्यापन करने में किसी तकनीकी असुविधा का सामना न करना पड़े।

You may have missed

Share