August 11, 2026

उत्तराखंड दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे फरवरी में खुलने की संभावना  दिल्ली से देहरादून की दुरी रह जएगी मात्र ढाई घंटे,,,,,

उत्तराखंड दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे फरवरी में खुलने की संभावना  दिल्ली से देहरादून की दुरी रह जएगी मात्र ढाई घंटे,,,,,

देहरादून: दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब फरवरी में शुरू होने की संभावना है। देहरादून के एक हिस्से में निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त न होने के कारण इसकी शुरुआत में थोड़ी देरी हुई है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष बचे हिस्से पर काम तेजी से किया जा रहा है। माना जा रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।

अक्षरधाम से देहरादून तक बन रहे एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में देहरादून पहुंचने में छह से सात घंटे तक का समय लग जाता है, जबकि एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह दूरी मात्र ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी।

🟢 चार चरणों में तैयार हुआ एक्सप्रेसवे
करीब 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग तेरह हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जा रहा है।

🟢 पहला चरण: दिल्ली के अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे बागपत तक का है, जहां निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और ट्रायल चल रहा है।

🟢 दूसरा चरण: बागपत से सहारनपुर बाईपास तक फैला है, जहां सड़क, फ्लाईओवर और अंडरपास का काम लगभग पूरा हो चुका है।

🟢 तीसरा चरण: सहारनपुर से देहरादून तक का है, जो वन और पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। पर्यावरणीय नियमों के कारण यहां काम में काफी अधिक समय लग गया था।

चौथा चरण: देहरादून शहर से जुड़ा हुआ है, जहां कुछ तकनीकी और स्थानीय कारणों से निर्माण कार्य में देरी हुई, जिसके चलते एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आगे बढ़ाना पड़ा।

🟢 आधुनिक सुविधाओं से लैस है ग्रीनफील्ड कारिडोर
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को छह लेन के ग्रीनफील्ड कारिडोर के रूप में विकसित किया गया है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।

एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, रेलवे ओवरब्रिज के साथ-साथ लगभग बारह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर भी बनाया गया है, ताकि जंगल और वन्यजीवों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए विश्राम स्थल, ईंधन स्टेशन और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।

🟢 हर मानक की जांच के बाद ही खुलेगा
एनएचएआइ अधिकारियों का कहना है कि शेष बचे कार्य के पूरा होते ही अंतिम तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

उम्मीद है कि फरवरी में इसके शुरू होते ही दिल्ली–देहरादून मार्ग पर यातायात सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार व स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी।

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