उत्तराखंड फर्जी दस्तावेजों के सहारे “स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे” का लाभ उठाने का मामला उजागर, चार छात्राओं के दाखिले निरस्त,,,

देहरादून। फर्जी दस्तावेजों से सरकारी पोर्टल पर आवेदन कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित होने का प्रमाणपत्र बनवाने के दो बड़े मामले सामने आए हैं। क्लेमनटाउन और रायपुर थाने में एक महिला व चार छात्राओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि कूटरचित आधार कार्ड, शपथ पत्र और गलत पते का इस्तेमाल कर यह प्रमाणपत्र बनवाए गए थे।
एमबीबीएस में दाखिले के लिए तैयार कराए गए थे प्रमाण पत्र
इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद प्रशासन की संस्तुति पर एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत राज्य में हुए इन चारों छात्राओं (तृप्ति, खुशी, परी और स्वाति) के एमबीबीएस दाखिले रद्द कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि इन सभी ने कोटे का लाभ लेने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे।
क्लेमनटाउन और रायपुर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

- क्लेमनटाउन थाने में ग्राम विकास अधिकारी डिंपल की शिकायत पर तृप्ति और उसकी मां उमा रानी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। तृप्ति ने 31 जुलाई को आवेदन किया था और 13 अगस्त को प्रमाणपत्र जारी भी हो गया था, लेकिन डीएम कार्यालय के आदेश पर हुई जांच में शपथपत्र और आधार कार्ड जाली पाए गए तथा बताया गया पता भी फर्जी निकला।
- दूसरा मामला रायपुर थाने का है, जहां राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश कुमार की शिकायत पर खुशी, परी और स्वाति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन्होंने तहसील सदर के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था, किंतु दस्तावेजों में दर्ज पते की स्थानीय जांच में तीनों वहां निवास करती नहीं मिलीं। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।

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