September 20, 2026

उत्तराखंड बड़ी जात की अगुवाई को लेकर सुतोल और कनोल के लोगों में हुआ खूनी संघर्ष, 10 घायल, एक हायर सेंटर रेफर,,,,

उत्तराखंड बड़ी जात की अगुवाई को लेकर सुतोल और कनोल के लोगों में हुआ खूनी संघर्ष, 10 घायल, एक हायर सेंटर रेफर,,,,

गोपेश्वर। नंदा देवी की बड़ी जात की अगुवाई को लेकर शुक्रवार को सुतोल और कनोल गांव के लोग आपस में भिड़ गए। दोनों गांवों के लोगों के बीच हुई इस हिंसक झड़प और मारपीट में लगभग 10 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

🔴 यात्रा की अगुवाई और व्यवस्था को लेकर हुआ विवाद

​कैलावा विनायक में हुआ यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुतोल के ग्रामीणों का कहना था कि यह क्षेत्र उनके गांव के अंतर्गत आता है, इसलिए वे ही इस यात्रा की अगुवाई करेंगे। वहीं, कनोल गांव के ग्रामीण इस बात पर तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।

🔴 रातभर जंगल में छिपे रहे लोग, सुबह पहुंची पुलिस

​घटनास्थल सुतोल गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर और मोबाइल नेटवर्क से दूर होने के कारण तुरंत सूचना नहीं मिल पाई थी। मारपीट के दौरान कनोल गांव के 25 से 30 लोग और सुतोल के 100 से अधिक लोग आमने-सामने आ गए थे। जान बचाने के लिए घायल समेत कई लोग रातभर जंगल में छिपे रहे। सुबह होने पर ग्रामीण गांव पहुंचे और फिर तीन लोग गंभीर रूप से घायल रंजीत सिंह को लेकर सीएचसी नंदननगर पहुंचे।

🔴 घायलों के नाम और पुलिस कार्रवाई

​घायल रंजीत सिंह को हेलिकॉप्टर के जरिए हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि कुंदन सिंह और हरीश सिंह को भी उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अन्य घायलों में उप प्रधान कमल सिंह, हरचन सिंह, हरि सिंह, हुकुम सिंह, गोविंद सिंह गोपी, पूर्व प्रधान राजपाल आदि शामिल हैं। कैलावा विनायक के पुजारी रंजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी पक्ष ने थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि, नंदननगर पुलिस का कहना है कि सुरजीत सिंह पंवार द्वारा दी गई जानकारी के बाद घटनास्थल और यात्रा मार्ग पर पुलिस बल भेज दिया गया है।

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