देहरादून में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, सीईआरटी उत्तराखंड का शुभारंभ,,,,

देहरादून। राज्य सरकार की पहल पर आयोजित पांचवें इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवार्ड्स कार्यक्रम में गुरुवार को देशभर के विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर सुरक्षा जैसे समसामयिक विषयों पर गहन मंथन हुआ तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में उत्तराखंड की डिजिटल प्रगति पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) उत्तराखंड का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो राज्य की साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) और आईआईआईटी हैदराबाद के बीच महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता और जानकारी उपलब्ध कराने हेतु एक विशेष वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया।
राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन आईटीडीए और एपेक मीडिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसमें देशभर के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
मंत्री प्रदीप बत्रा की उपस्थिति में आयोजित सीईओ राउंड टेबल चर्चा में डेटा सेंटर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश संभावनाएं और नीतिगत सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में निवेश के लिए स्पष्ट और स्थिर नीति ढांचे, सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली और मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में एआई आधारित सुशासन, साइबर सुरक्षा सुदृढ़ता, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और सरकार-उद्योग-अकादमिक सहयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान सचिव सूचना प्रौद्योगिकी नितेश कुमार झा, एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार, पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी धीरेंद्र कुमार तिवारी, रक्षा मंत्रालय के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अमित शर्मा और आईटीडीए के निदेशक आलोक कुमार पांडेय सहित कई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
मुख्य बिंदु और निष्कर्ष
कार्यक्रम में हुए मंथन से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तराखंड में आईटी और डेटा सेंटर निवेश को लेकर उद्योग जगत की रुचि तेजी से बढ़ रही है। एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नीतिगत सुझावों के साथ राष्ट्रीय संस्थानों और निजी क्षेत्र के साथ मजबूत साझेदारी पर जोर दिया गया। इससे राज्य की छवि एक डिजिटल रूप से अग्रणी और निवेश के अनुकूल गंतव्य के रूप में उभर रही है।
राज्य सरकार के आगामी लक्ष्य
राज्य सरकार ने सीईआरटी उत्तराखंड को शीघ्र पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने, सीईओ राउंड टेबल के आधार पर संयुक्त कार्य समूह के गठन, आईआईआईटी हैदराबाद के साथ एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन, शासन में एआई के उपयोग के लिए प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान तथा हितधारकों के साथ नियमित संवाद और समीक्षा बैठकों के आयोजन जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निर्धारित किया है।
इस कार्यक्रम ने उत्तराखंड को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में नई गति देने के साथ ही राज्य को तकनीकी निवेश और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान किया है।

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