भारत में आरक्षण प्रणाली पर गरमाई सियासत, जातिगत आरक्षण के विरोध में सड़कों पर उतरे लाखों युवा, जातिगत नहीं आर्थिक आधार पर कोटे की उठी मांग,,,

नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों आरक्षण व्यवस्था को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से शुरू हुआ ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ (RHA) अब धीरे-धीरे सड़कों पर उतरने लगा है। नागपुर, लखनऊ, जयपुर और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख शहरों में युवा और विभिन्न सामाजिक संगठन जातिगत आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
वास्तविक स्थिति और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों और इस मुहिम से जुड़े युवाओं का तर्क है कि देश में आरक्षण का आधार जातिगत नहीं, बल्कि वास्तविक आर्थिक स्थिति और जरूरत के हिसाब से होना चाहिए। आंदोलनकारियों का मुख्य उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना है, ताकि हर वर्ग के वास्तविक रूप से जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके।
आंदोलनकारियों की प्रमुख जायज मांगें

सोशल मीडिया और रैलियों के माध्यम से सरकार के सामने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
- आर्थिक आधार: जातिगत कोटे को समाप्त कर केवल और केवल आर्थिक स्थिति (आय) के आधार पर आरक्षण दिया जाए।
- एक परिवार, एक लाभ: एक ही परिवार के भीतर आरक्षण का लाभ बार-बार मिलने की बजाय केवल एक ही बार सीमित किया जाए।
- न्यूनतम अर्हता अंक: सभी वर्गों के लिए एक समान न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स (न्यूनतम अंक) तय किए जाएं।
- रिक्त सीटों का स्थानांतरण: आरक्षित वर्ग के तहत यदि सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें सामान्य (जनरल) श्रेणी के योग्य उम्मीदवारों के लिए स्थानांतरित किया जाए।
राजनीतिक सरगर्मी और प्रतिक्रियाएं
इस बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां युवा वर्ग मेरिट और वास्तविक स्थिति के आधार पर कोटे की समीक्षा की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी समय में देश की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर एक बड़ा प्रभाव डाल सकता है, जिसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
CJP Protest के बाद चर्चा में ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’?
यह वीडियो देश भर में आरक्षण प्रणाली और उससे जुड़े हालिया सोशल मीडिया तथा सड़क पर चल रहे आंदोलनों के घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देता है।

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