August 12, 2026

उत्तराखंड 10वीं बोर्ड के परीक्षा में उत्तराखंड की हर्षा ने रचा इतिहास, रुद्रपुर की हर्षा ने 10th में हासिल किये 100% अंक,,,,

उत्तराखंड 10वीं बोर्ड के परीक्षा में उत्तराखंड की हर्षा ने रचा इतिहास, रुद्रपुर की हर्षा ने 10th में हासिल किये 100% अंक,,,,

रुद्रपुर: सीबीएसई बोर्ड ने आज 10वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम जारी कर दिये हैं. जिसमें उत्तराखंड के रुद्रपुर की छात्रा हर्षा ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल की इस होनहार छात्रा की सफलता ने न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है. उनकी इस उपलब्धि से स्कूल, परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

हर्षा की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद स्कूल में जश्न का माहौल देखने को मिला। शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी इस उपलब्धि से बेहद उत्साहित हैं. स्कूल के चेयरमैन सुरजीत सिंह ने हर्षा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल स्कूल बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा हर्षा की मेहनत, लगन और अनुशासन ने यह साबित कर दिया है कि यदि छात्र ठान लें तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है।

सुरजीत सिंह इस उपलब्धि को लेकर भावुक भी नजर आए। उन्होंने बताया हर्षा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार मेहनत की। अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी स्कूल की आलोचना करने वाले लोगों के लिए हर्षा की यह सफलता एक सशक्त जवाब है. हर्षा ने अपने प्रदर्शन से यह सिद्ध कर दिया कि सही मार्गदर्शन और समर्पण के साथ सफलता निश्चित है. उन्होंने हर्षा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा वह आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छुए।

वहीं, हर्षा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है. उन्होंने कहा उन्हें खुद भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वह इतने अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगी। हर्षा के अनुसार, उनके शिक्षकों ने हर विषय को सरल तरीके से समझाया और परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी भी प्रकार की ट्यूशन नहीं ली, बल्कि स्व-अध्ययन और नियमित अभ्यास के जरिए यह मुकाम हासिल किया।

🟢 हर्षा की स्कूल में जश्न
हर्षा की मां ने भी अपनी बेटी की मेहनत और लगन की सराहना की. उन्होंने बताया हर्षा शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है. उसने हर दिन पूरी ईमानदारी से तैयारी की। उन्होंने कहा बेटी की इस सफलता ने पूरे परिवार को गर्व महसूस कराया है. यह साबित किया है कि निरंतर मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है. हर्षा की यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं. यह सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई की जाए तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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