July 12, 2026

उत्तराखंड चारधाम यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बना श्रीनगर का ‘गोवा बीच’, सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद,,,

उत्तराखंड चारधाम यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बना श्रीनगर का ‘गोवा बीच’, सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद,,,

ऋषिकेश/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ावों के साथ-साथ अब कुछ प्राकृतिक स्थल भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल का विषय बन रहे हैं। इन दिनों श्रीनगर गढ़वाल के पास अलकनंदा नदी के किनारे स्थित ‘गोवा बीच’ चारधाम यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

​प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर (कलियासौड़) से महज एक किलोमीटर आगे अलकनंदा नदी के तट पर स्थित यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और मनमोहक दृश्यों के कारण पर्यटकों को बेहद आकर्षित कर रहा है। बदरीनाथ-केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ रुककर फोटो, सेल्फी खींचने और सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने का लुत्फ उठा रहे हैं।

🟢 सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है क्षेत्र

​लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील भी माना जा रहा है। अलकनंदा नदी का तेज बहाव और गहराई अनजान पर्यटकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद कई यात्री नियमों की अनदेखी कर तेज बहाव और गहरे पानी वाले प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना या बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

🟢 मौके पर SDRF तैनात, पुलिस की कड़ी निगरानी

​संभावित हादसों को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें नदी किनारे लगातार मुस्तैद हैं।

प्रभारी निरीक्षक (कोतवाली श्रीनगर) ने बताया कि “यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यात्रियों को गहरी नदी में उतरने से सख्ती से रोका जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मौके पर एसडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की गई है।”

 

🟢 श्रीनगर पुलिस की यात्रियों से विशेष अपील

​श्रीनगर पुलिस ने चारधाम यात्रा पर आ रहे देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सहयोग की अपील करते हुए निम्नलिखित गाइडलाइंस जारी की हैं:

  • ​नदी के प्रतिबंधित और चिन्हित खतरनाक क्षेत्रों में बिल्कुल भी प्रवेश न करें।
  • ​पानी के तेज बहाव और गहरे हिस्सों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • ​नदी किनारे सेल्फी, फोटो या रील बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।
  • ​यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी से पालन करें।

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