मशीनें फेल, क्रेनें हारीं: 1000 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा नहीं हिली 1 इंच भी, जांच के लिए बुलाई गई IIT की टीम,,,
उज्जैन:धार्मिक नगरी उज्जैन में इन दिनों एक अद्भुत और चौंकाने वाला घटनाक्रम चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शहर के कंठाल चौराहे के समीप स्थित ऐतिहासिक “खड़े हनुमान मंदिर” की प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण के लिए शिफ्ट करने की प्रशासनिक कोशिशें पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। विशालकाय क्रेन, जेसीबी और दर्जनों मजदूरों की अथक कोशिशों के बावजूद भगवान हनुमान की मूर्ति टस से मस नहीं हुई, जिसके बाद प्रशासन को काम रोककर विशेषज्ञ इंजीनियरों की शरण लेनी पड़ी है।
🔴सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उभरा विवाद
आगामी सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन को देखते हुए उज्जैन नगर निगम द्वारा कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग की सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी योजना के तहत मार्ग में आ रहे प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर के बाहरी ढांचे को हटाया गया था। प्रशासन की योजना प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पास ही अन्य स्थान पर विस्थापित करने की थी, लेकिन निर्माण टीम को तब हैरानी हुई जब भारी-भरकम क्रेनें भी प्रतिमा को हिलाने में असमर्थ रहीं।
🔴1000 साल पुरानी इंटरलॉकिंग तकनीक और बेसाल्ट पत्थर
पुरातत्वविदों और स्थानीय इतिहासकारों के अनुसार, लगभग 8 फीट ऊंची यह प्रतिमा साधारण तरीके से नहीं स्थापित की गई है। यह मालवा के ऐतिहासिक परमार कालीन (राजा भोज युग) बेसाल्ट पत्थर से निर्मित है। प्राचीन शिल्पकारों ने लगभग 1000 वर्ष पूर्व प्रतिमा को जमीन के बेहद अंदर तक इंटरलॉकिंग तकनीक से स्थापित किया था। यही कारण है कि आधुनिक क्रेनें और हाइड्रोलिक मशीनें भी इसे हिलाने में नाकामयाब रहीं।
🔴IIT इंदौर की भूगर्भीय जांच और स्कैनिंग शुरू
प्रशासनिक अमला जब प्रतिमा को सुरक्षित हटाने में पूरी तरह असमर्थ रहा, तो मामले में IIT इंदौर के सिविल व जियोटेक्निकल विशेषज्ञों की मदद ली गई। विशेषज्ञों की टीम ने विशेष उपकरणों से मंदिर परिसर की ‘ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार’ (GPR) स्कैनिंग शुरू की है। वैज्ञानिक यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रतिमा का आधार जमीन में कितनी गहराई तक धंसा है, ताकि बिना किसी टूट-फूट के इसे सुरक्षित विस्थापित करने का तकनीकी रास्ता निकाला जा सके।
🔴भक्तों ने माना ‘दैवीय चमत्कार’, शुरू हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
इधर इस घटनाक्रम को स्थानीय श्रद्धालु और हिंदू संगठन भगवान का दैवीय चमत्कार मान रहे हैं। क्षेत्र में ‘डॉक्टर हनुमान’ के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी है। विस्थापन के विरोध में स्थानीय निवासियों ने मंदिर स्थल पर अखंड हनुमान चालीसा और महाआरती का आयोजन किया है। लोगों का कहना है कि भगवान स्वयं अपने स्थान से नहीं हटना चाहते।

🔴सुरक्षा टेंट में प्रतिमा, रिपोर्ट का इंतजार
स्थितियों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल विस्थापन की कार्रवाई रोक दी है और प्रतिमा की सुरक्षा के लिए चारों तरफ से टेंट कवर लगा दिया है। पुलिस बल की तैनाती के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि IIT इंदौर की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का कोई तकनीकी निर्णय लिया जाएगा।


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