August 10, 2026

उत्तराखंड की राजधानी मे प्रतिबंधित डॉग ब्रीड पर सख़्ती की तैयारी, एक्शन मोड पर नगर निगम देहरादून,,,,

उत्तराखंड की राजधानी मे प्रतिबंधित डॉग ब्रीड पर सख़्ती की तैयारी, एक्शन मोड पर नगर निगम देहरादून,,,,

देहरादून: अपने घरों की रखवाली करने के लिए अक्सर लोग कुत्तों का पालन करते हैँ हालांकि कई नस्लों के कुत्ते कितने घातक साबित हों सकते हैँ इसका सीधे तौर पर अंदेशा राजपुर रोड में 75 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला पर रॉटवायलर नस्ल के कुत्ते के द्वारा किये गए हमले से लगाया जा सकता है।

इस वृद्ध महिला पर हुआ हमला इतना घातक था कि बुज़ुर्ग महिला के शरीर का मांस भी उसके शरीर से अलग हो गया जिसके बाद स्थानीय महिला को नज़दीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाना पड़े बता दें महिला की हालत बिहार गंभीर बताई जा रही है।

बुज़ुर्ग महिला पर हुऐ इस हमले के बाद नगर निगम देहरादून अब एक्शन मोड पर आ गया है नगर आयुक्त देहरादून नमामी बंसल ने जानकारी देते हुऐ बताया कि इस प्रकार की रॉटवायलर, पिटबुल, डोगो अर्जेन्टनों जैसी 23 नस्ले हैँ जिनपर भारत सरकार द्वारा पालन किये जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाया गया है यह नस्ले बेहद आक्रमक मानी जाती हैँ और वर्ष 2024 में इन नस्लों पर प्रतिबन्ध लगाया गया था।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत जिन नस्लों को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है, उनके पालन-पोषण, खरीद-बिक्री और सार्वजनिक स्थलों पर बिना सुरक्षा उपायों के घूमाने पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है।

नगर निगम की आयुक्त नमामि बंसल ने कहा , “हम पालतू जानवरों के लिए जरूरी लाइसेंसिंग, टीकाकरण और स्टेरिलाइजेशन नियमों को सख्ती से लागू करेंगे। जिन लोगों के पास खतरनाक नस्ल के कुत्ते हैं, उन्हें नियमानुसार दस्तावेज जमा कराने होंगे।

नगर निगम जल्द ही ऐसे कुत्तों के मालिकों को नोटिस जारी कर सकता है, जिनके पास प्रतिबंधित नस्लों के पालतू कुत्ते हैं। साथ ही, सभी पालतू कुत्तों के लिए अनिवार्य पंजीकरण अभियान भी शुरू किया जाएगा।

इस बीच, शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या भी चिंता का विषय बनी हुई है। पार्षदों ने निगम से मांग की है कि सख्त नीति बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। शहर में अनुमानित 50 हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं।

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