सर्व पितृ अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, गंगा घाटों और नारायणी शिला पर गूंजे ‘हर हर गंगे’ के जयकारे,,,,,

हरिद्वार,धर्मनगरी हरिद्वार में शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर आस्था का महाकुंभ देखने को मिला। पितृ पक्ष के इस अंतिम दिन देश के कोने-कोने से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने पावन गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए तर्पण व पिंडदान किया। सुबह से ही हर की पैड़ी समेत तमाम प्रमुख गंगा घाटों पर ‘हर हर गंगे’ के जयकारे गूंजने लगे थे।
सर्व पितृ अमावस्या पर उमड़ी भारी भीड़ ,धर्मनगरी हरिद्वार में शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था का महाकुंभ देखने को मिला। पितृ पक्ष के इस अंतिम दिन देश के कोने-कोने से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से ही हर की पैड़ी समेत तमाम प्रमुख गंगा घाटों पर ‘हर हर गंगे’ के जयकारे गूंजने लगे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

नारायणी शिला मंदिर में हुआ विशेष पिंडदान
इस विशेष अवसर पर पौराणिक नारायणी शिला मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थल पर पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। अलसुबह से ही पुरोहितों के सानिध्य में विधि-विधान से श्राद्ध कर्म कराने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के घाटों पर लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।
शनिवार और वीकेंड के संयोग से रिकॉर्ड भीड़
इस बार सर्व पितृ अमावस्या शनिवार के दिन पड़ने (शनिश्चरी अमावस्या) और साथ ही सप्ताहांत (वीकेंड) होने के कारण धर्मनगरी में सामान्य दिनों के मुकाबले अप्रत्याशित भीड़ दर्ज की गई। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मेला क्षेत्र मेंवानों और पैदल यात्रियों की भारी चहल-पहल रही।
यातायात का भारी दबाव और लगा लंबा जाम
श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या और बाहरी राज्यों से पहुंचे वाहनों के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात का भारी दबाव देखने को मिला। शंकराचार्य चौक से लेकर ऋषिकुल और हाईवे के अन्य हिस्सों में वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और जगह-जगह वाहनों को डायवर्ट किया गया।
पितृ पक्ष का हुआ शांतिपूर्ण समापन
शाम ढलते ही गंगा घाटों पर हजारों दीपदान किए गए, जिसके साथ ही पितरों को भावभीनी विदाई दी गई। इसी के साथ पिछले 16 दिनों से चल रहे श्रद्धा, तर्पण और पिंडदान के महापर्व ‘पितृ पक्ष’ का शांतिपूर्ण तरीके से समापन हो गया। अब इसके अगले दिन से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होगा।

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